किसानों से भूमि अधिग्रहण पर मिलेगा चार गुना मुआवजा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
किसानों से भूमि अधिग्रहण पर मिलेगा चार गुना मुआवजा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


भोपाल: किसानों से भूमि अधिग्रहण पर मिलेगा चार गुना मुआवजा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार खेती और किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
उन्होंने किसानों से अपनी भूमि सुरक्षित रखने की अपील करते हुए कहा कि भूमि हमारी माता है, जो हमारा उदर-पोषण करती है। इसे किसी को बेचने से बचें। मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि किसी भी शासकीय योजना के निर्माण के लिए कृषि भूमि का अधिग्रहण किए जाने पर किसानों को एक-दो नहीं, बल्कि चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय से भोपाल की करोंद कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों के खेत सरकार के लिए देवस्थल के समान हैं और किसान का एक-एक दाना हमारे लिए प्रसाद है। किसानों के पसीने की हर बूंद के सम्मान और उनके हितों की रक्षा के लिए सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव किसानों की मेहनत, समर्पण और कृषि क्षेत्र में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देने का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महोत्सव में मौजूद किसानों से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि किसानों की खुशी सरकार के लिए होली और सबसे बड़ी दिवाली के समान है। उन्होंने किसानों से पूरे उत्साह के साथ बलराम कृषि महोत्सव में सहभागी बनने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। पिछले 26 दिनों में प्रदेश में यह 14वां बलराम कृषि महोत्सव है। उन्होंने कहा कि जल्द ही भोपाल मुख्यालय में भी बड़े स्तर पर कृषि महोत्सव आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से सरकार ने ‘कवच’ योजना शुरू की है। योजना के माध्यम से सहकारी खातों की पुरानी गड़बड़ियों को दूर कर करीब 5 हजार किसानों को ऋण और विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया गया है। किसानों को बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराने के साथ ऋण चुकाने के लिए पूरे 12 माह का समय देने की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का किसान अपने परिश्रम से प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। प्रदेश दलहन उत्पादन में देश में दूसरे, तिलहन उत्पादन में दूसरे और दुग्ध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। जैविक खेती और जैविक कपास उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय के साधन बढ़ाने, खेती की लागत कम करने तथा तकनीक और नवाचार के माध्यम से उत्पादन एवं आमदनी बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है। प्रदेश में सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने, उद्यानिकी का रकबा 30 लाख हेक्टेयर करने और 10 हजार नई सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से फसल विविधीकरण अपनाने, उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा पशुपालन एवं मछली पालन से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेती को केवल अन्न उत्पादन तक सीमित न रखते हुए इसे प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़ा जा रहा है। इससे किसानों की आय बढ़ाने के नए अवसर तैयार होंगे।
बलराम कृषि महोत्सव में स्थानीय विधायक विष्णु खत्री, तीरथ सिंह मीणा, गोपाल सिंह मीणा, भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। विधायक रामेश्वर शर्मा और अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने मंत्रालय से ही कार्यक्रम में सहभागिता की।



