My Home Hotel : महिलाओं पर लुटाए रुपए इकट्ठा करते थे ‘पति’, मानव तस्करी में हैं लिप्त


इंदौर, माय होम होटल से बरामद महिलाओं को उनके पतियों को सौंपने के संबंध में शुक्रवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। पतियों की तरफ से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में शुक्रवार को एसएसपी ने शपथ- पत्र पेश किया। इसमें कहा गया कि खुद को महिलाओं का पति बताने वाले युवक होटल में काम करते थे। महिलाएं डांस करती थीं और ये युवक ग्राहकों द्वारा महिलाओं पर लुटाए गए रुपए इकट्ठा करते थे। ये युवक तो खुद मानव तस्करी के मामले में लिप्त हैं। मालूम हो, माय होम होटल मुक्त कराई गईं महिलाओं को पुलिस ने जीवन ज्योति आश्रम में रखा है। इनमें से छह के पतियों ने हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर मांग की थी कि उनकी पत्नियों को उन्हें सौंप दिया जाए।
अतिरिक्त महाधिवक्ता रवींद्रसिंह छाबड़ा ने बताया कि शुक्रवार को पेश शपथ-पत्र में कहा गया है कि महिलाओं को विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम के प्रावधानों के तहत जीवन ज्योति आश्रम में रखा गया है। वहां उनके खाने और दवाई का पूरा इंतजाम है। माय होम होटल में बार संचालित होता था।नियमानुसार बार में 21 साल से कम उम्र के किसी व्यक्ति से काम नहीं कराया जा सकता, लेकिन ऐसा हो रहा था।
महिलाओं ने बयान में कहा था, आधा हिस्सा जीतू लेता था
महिलाओं ने धारा 164 के तहत दिए बयान में बताया है कि वे बार में डांस करती थीं और खुद को पति बताने वाले युवक ग्राहकों द्वारा लुटाए गए रुपए एकत्रित करते थे। इनमें से आधा हिस्सा जीतू रखता था व कुछ युवकों को मिलता था। बाद में कुछ रुपए उन्हें मिलते थे। इस तरह से खुद को पति बताने वाले युवक तो पत्नी से व्यापार करवा रहे थे।



