Madhya Pradesh Honey Trap Case, फर्जी आधार कार्ड से होटलों में ठहरते थे हनीट्रैप के आरोपित


संवाददाता, ज़ीशान मुजीब
इंदौर। हनी ट्रैप मामले में पुलिस ने सोमवार को पेश चालान में बताया कि आरोपित फर्जी आधार कार्ड के आधार पर होटलों में ठहरते थे। पुलिस ने केस में इन आरोपितों से जब्त मोबाइल भी पेश किए हैं। आरोप है कि इन मोबाइल की मदद से ही आरोपित अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते थे। कोर्ट में पेश चालान में पुलिस ने कहा है कि जांच में पता चला कि सभी आरोपित एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे। ये गिरोह चोरी-छिपे पीड़ितों के अश्लील वीडियो बनाने के लिए महिलाओं और लड़कियों को रिक्रूटमेंट के नाम पर छोटे गांवों से भोपाल लेकर आते थे। उनसे कहा जाता था कि वे उन्हें जॉब लगवा देंगे। बाद में इन महिलाओं और लड़कियों को धमकाकर षड्यंत्र में शामिल कर धनवान लोगों और बड़े ओहदे पर बैठे उच्च अधिकारियों के अश्लील वीडियो बनवाते थे। बाद में इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर ट्रांसफर, पोस्टिंग जैसे काम करवाते थे।
लाचारी और मजबूरी का उठाते थे फायदा : चालान में कहा गया है कि गांव से लाई गई महिला का जैसे ही पहला वीडियो बनता था, आरोपित उसे ही ब्लैकमेल करना शुरू कर देते थे। उसे वीडियो दिखाकर अन्य व्यक्तियों के साथ भी अंतरंग वीडियो बनाने के लिए मजबूर किया जाता था। आरोपित लड़कियों की लाचारी और मजबूरी का गिरोह फायदा उठाता था।
तीन करोड़ मांगे थे, 60 हजार ले भी लिए थे : चालान में पुलिस ने कहा है कि आरोपितों ने फरियादी हरभजनसिंह से वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पहले तीन करोड़ रुपए की मांग की थी, लेकिन बाद में वे दो करोड़ रुपए की मांग करने लगे। हरभजन ने पुलिस को बताया है कि आरोपित आरती ने मुलाकातों के दौरान 10 सितंबर 2019 को 10 हजार रुपए और 18 सितंबर 2019 को 50 हजार रुपए इस तरह कुल 60 हजार रुपए ले भी लिए थे। पुलिस ने जांच के दौरान यह रकम जब्त भी की थी।
आरोपितों के वकीलों को नहीं मिली सीडी व पैन ड्राइव की कॉपी, जताई आपत्ति : पुलिस ने चालान की कॉपी तो आरोपितों के वकीलों को उपलब्ध करवा दी लेकिन इसके साथ प्रस्तुत ऑडियो-वीडियो, पेन ड्राइव आदि की कॉपी उन्हें नहीं दी। इस पर वकीलों ने कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराई।
सेशन कोर्ट में होगी सुनवाई, 30 दिसंबर को होंगे आदेश
सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आरोपितों की जिला कोर्ट में पेशी हुई। पुलिस ने जेएमएफसी अमित कुमार गुप्ता की कोर्ट में चालान पेश किया था। जिन धाराओं में आरोपितों के खिलाफ चालान पेश किया गया, उनकी सुनवाई सेशन कोर्ट में होती है। आरोपित की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट अमरसिंह राठौर ने बताया कि आगे से इस मामले की सुनवाई सेशन कोर्ट में ही होगी। 30 दिसंबर को जेएमएफसी कोर्ट इस संबंध में आदेश जारी कर देगी। इसके बाद यह पता चल जाएगा कि किस सेशन कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चलेगी। आरोपित आरती दयाल की तरफ से एडवोकेट घनश्याम गुप्ता, आरोपित श्वेता स्वप्निल जैन की तरफ से एडवोकेट अमरसिंह राठौर, श्वेता विजय जैन की तरफ से एडवोकेट धर्मेंद्र गुर्जर, मोनिका की तरफ से इमरान कुरैशी, आरोपित बरखा की तरफ से आनंद सोरसिया पैरवी कर रहे हैं।
Honey Trap Case: हनी ट्रैप मामला- एक नजर
18 सितंबर 2019
इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर इस मामले का खुलासा हुआ। उसके बाद नेताओं-अफसरों के अश्लील वीडियो सामने आने के बाद प्रदेश भर में बवाल मच गया था।
19 सितंबर
भोपाल और इंदौर से श्वेता स्वप्निल जैन, श्वेता विजय जैन, आरती दयाल, मोनिका यादव और बरखा सोनी और ड्राइवर ओमप्रकाश को गिरफ्तार किया गया।
20 सितंबर
हनीट्रैप मामले में आरोपित श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन और बरखा अमित सोनी कोर्ट ने 4 अक्टूबर तक जेल भेजा।
21 सितंबर
श्वेता-बरखा के एनजीओ की जांच में जुटी एजेंसियां। क्राइम ब्रांच ने आरोपितों से 12 फोन और लैपटॉप बरामद किए। निगम इंजीनियर से भी पूछताछ करने की बात कही।
22 सितंबर
विजयनगर स्थित दो होटलों में पुलिस ने छापा मारा। इन्हीं होटलों के कक्ष में वीडियो बनाए जाने की शिकायत पुलिस को मिली थी।
हनीट्रैप कांड की दो आरोपित आरती दयाल और मोनिका यादव को पलासिया थाना पुलिस ने जिला कोर्ट पेश कर 27 सितंबर तक रिमांड पर लिया। कोर्ट रूम में आरोपित महिलाओं ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया और कहा कि दिन में 100-100 बार पूछताछ करते हैं। टीआई ने कहा कि इन्होंने कई बड़ी हस्तियों को ब्लैकमेल कर फायदा उठाया है। दोनों बहुत ही शातिर ब्लैकमेलर हैं।
हरभजन सिंह ने छह घंटे तक पूछताछ में टेंडर-ठेके से संबंधित सवाल टाले। वाट्सएप से चैटिंग हटाई।
23 सितंबर
निगम इंजीनियर हरभजन सिंह निलंबित। प्रभारी आयुक्त ने आदेश में कहा सिंह का कृत्य अशोभनीय और नैतिक पतन का परिचायक। शासकीय सेवकों का आचरण ऐसा होना चाहिए कि जिस समाज में वह रहता है, उसे प्रचलित शिष्टाचार और नैतिकता के साधारण प्रतिमान के अनुसार उसे होना चाहिए।
24 सितंबर
तीन आरोपित की जमानत अर्जी कोर्ट ने की खारिज हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप मामले में मास्टर माइंड मानी जा रही श्वेता स्वप्निल जैन के साथ श्वेता विजय जैन और उसके ड्रायवर ओमप्रकाश को कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया।
25 सितंबर
हनीट्रैप मामले में गठित नई एसआईटी के प्रमुख संजीव शमी इंदौर पहुंचे। चर्चा के दौरान नपे-तुले शब्दों में बयान दिया लेकिन मामले की गंभीरता जाहिर कर दी। उन्होंने कहा कि इस केस में ग्रेविटी बहुत ज्यादा है। हायर ऑफिसर्स कॉम्प्रोमाइज (उच्च अधिकारी समझौता कर रहे हैं) हो रहे हैं। इसलिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनी है। इसके मद्देनजर ही सीनियर ऑफिसर्स के साथ एसआईटी बनाई है।
26 सितंबर
हनीट्रैप कांड की आरोपित आरती दयाल 9 दिन बाद पुलिस के सामने टूट गई और बड़ी हस्तियों को ब्लैकमेल करना कबूल लिया। आरती ने यह भी कबूला कि हरभजन करोड़ों के ठेके और मोनिका को नौकरी का झांसा दे रहे थे। इसके बाद ही तीन करोड़ की मांग शुरू की गई थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने हरभजन को कोर्ट में बयान और पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर दिया।
30 सितंबर
आरोपित दोनों श्वेता और बरखा भोपाल अदालत में पेश हुई। उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर एसआईटी को सौंपा गया।
1 अक्टूबर
एसआईटी में दूसरी बार बदलाव किया गया। एसआईटी चीफ संजीव शमी को हटाकर राजेंद्र कुमार को कमान सौंपी गई।
हनीट्रैप कांड के सभी आरोपितों को कोर्ट ने जेल भेजने का आदेश दिया
3 अक्टूबर
गड़बड़ी की आशंका जताते हुए हनीट्रैप मामले में जनहित याचिका दायर। याचिका में कहा कि हाईकोर्ट की निगरानी में की जाए हनीट्रैप मामले की जांच
4 अक्टूबर
जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूछा- प्रदेश सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है जो बार-बार एसआईटी प्रमुख बदल रही है?
10 अक्टूबर
हनीट्रैप मामले में सरकार ने आरोपितों के एनजीओ को दिए गए अनुदान की जांच के आदेश दिए।
16 अक्टूबर
आरोपितों की हैंड राइटिंग और आवाज के नमूने लिए गए।
21 अक्टूबर
सरकार ने कोर्ट को बताया कि सोशल मीडिया में बहुत कुछ चल रहा था इसलिए बदलना पड़ा एसआइटी प्रमुख, कोर्ट ने कहा यह तो कोई कारण नहीं है।
24 अक्टूबर
श्वेता विजय जैन के लॉकर से पुलिस ने 47 लाख रुपए और नोटों के बीच छुपाकर रखी पेन ड्राइव बरामद कर ली।
25 अक्टूबर
लॉकर से मिली पेन ड्राइव में चार अश्लील वीडियो मिले।
26 अक्टूबर
श्वेता और आरती से सीआईडी ने पूछताछ की।
1 नवंबर
दोनों श्वेता जैन को कोर्ट ने अंतरिम जमानत देने से किया इंकार
27 नवंबर
जनहित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से पूछा- जब ऑडियो-वीडियो जांच के लिए हैदराबाद भेजे हैं तो यह वायरल कैसे हो रहे हैं?
16 दिसंबर
हनीट्रैप मामले में कोर्ट में 390 पन्नाों का चालान पेश किया गया।



