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मध्य प्रदेश:चार जिले के सात एटीएम बूथ से 46 लाख लुटने वाले छह बदमाश गिरफ्तार, आरोपी बोला- मैं सिविल इंजीनियर और आईटी एक्सपर्ट हूं


चार जिलों के एटीएम बूथ में विस्फोट करके 46 लाख रुपए के लूट के मामला का सागर आईजी अनिल शर्मा ने रविवार को खुलासा कर दिया। इस मामले में दमोह देहांत थाना क्षेत्र से एक सिविल इंजीनियर सहित छह आरोपी गिरफ्तार करके उनसे लूट के 25 लाख 57 हजार रुपए नगद, दो देशी पिस्टल,3 लाख 50 हजार रुपए के नकली नोट, एक कलर प्रिंटर, तीन बाइकें, दो मोबाइल, जिलेटिन राड और लैपटाॅप जब्त किए गए हैं। इस गिरोह ने दमोह में 2, जबलपुर में 2 ,कटनी में 2 और पन्ना में एक एटीएम बूथ में विस्फोट में करके लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
सागर आईजी अनिल शर्मा ने नए कंट्रोल रूम में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी कैश वेन के आधार पर लूट की वारदात को अंजाम देते थे। जिस बूथ में वेन राशि डालने के लिए जाती थी, आरोपी उसकी रैकी करते थे और वारदात को अंजाम देते।आरोपी मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करते थे, इसलिए पुलिस को आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिलता था।
आईजी के मुताबिक पूरी वारदात का मास्टर माइंड ग्राम खजरी निवासी देवेंद्र पटेल है। यह आरोपी सिविल इंजीनियर है और यूपीएससी परीक्षा भी दे चुका है। 24 साल की उम्र से लूट सहित कई वारदातों में शामिल रहा है। मामले का खुलासा करने के दौरान सागर डीआईजी आरएस डेहरिया, छतरपुर डीआईजी विवेक राज, पन्ना एसपी मयंक अवस्थी, दमोह एसपी हेमंत चौहान सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे।
लूट के पुराने आरोपी को उठाया, पूछताछ की तो बदमाशों के नाम सामने आए
दमोह में एटीएम बूथ में लूट की तीन वारदातें होने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई थी और जांच के लिए 15 एसआईटी टीमों का गठन किया था। 17 जुलाई को पन्ना के सिमरिया में लूट होने पर सागर आईजी ने छतरपुर, पन्ना और दमोह पुलिस टीम की एसआईटी गठित की थी। दमोह पुलिस की एक टीम ने दमोह देहांत थाना क्षेत्र के अंतर्गत खजरी निवासी परम लोधी पर लूट के दो अपराध होने पर बुलवाया। जब वह नहीं आया तो पुलिस ने 22 जुलाई को दबिश देकर उसे घर से उठा लिया और कड़ाई से पूछताछ की तो उसने खजरी निवासी मास्टर माइंड देवेंद्र पटेल का नाम लिखा। इसके बाद पुलिस को सफलता मिलती गई और एक-एक करके गिरोह के सभी छह आरोपी देवेंद्र पटेल 28, परम सिंह लोधी 30, उर्फ जागेश्वर पटेल 27, छोटू उर्फ नीतेश पटेल 25, जयराम पटेल32, राकेश पटेल 24 पुलिस के हाथ लग गए।
पन्ना पुलिस ने भी दी दबिश, 30 हजार का इनाम
17 जुलाई को पन्ना के सिमरिया के एटीएम बूथ में लूट की वारदात होने के बाद पन्ना पुलिस भी सक्रिय हो गई थी। जिस नंबर की बाइक से आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया था। उसकी नंबर प्लेट का एक टुकड़ा मौके पर मिला था। जिसे जोड़कर गाड़ी का नंबर पता चला था। इस मामले में पन्ना पुलिस 24 जुलाई को दबिश देने के लिए खजरी आई थी, लेकिन उसे सफलता नहीं मिल पाई, क्योंकि बाइक किसी और के नाम से निकली थी। हालांकि पन्ना पुलिस निशानदेही के आधार पर आरोपियों तक पहुंच गई थी।
क्राइम पेट्रोल देख कर लूट का तरीका सीखा
आईजी ने प्रेस वार्ता के दौरान जैसे ही आरोपियों को देखा उन्होंने तुरंत पूछा इनमें सिविल इंजीनियर कौन है तो देवेंद्र पटेल ने तुरंत हाथ खड़ा करके बता दिया दरअसल यह आरोपी कई वारदातों में शामिल रहा है किसी ने क्राइम पेट्रोल और यूट्यूब पर एटीएम बूथ ब्लास्ट करने और उन में रखे रुपयों की लूट करने की तरकीब निकाली थी पुलिस अब आरोपियों के पास बरामद हुए नकली नोटों को लेकर नई खोजबीन में जुट गई है।
कब कहां एटीएम बूथ में की वारदात
6 जून को जबलपुर के नुनसर में
25 अक्टूबर 2019 को कटनी के बहोरी बंद में
11 नवंबर 2019 को कटनी के बाकल में
22 जनवरी 2020 को जबलपुर के मझौली में
3 मार्च 2020 को दमोह जिले के देवडोंगरा में
17 मई को दमोह जिले के हिनौताकलां में
19 जुलाई को पन्ना जिले के सिमरिया में आरोपियों ने एटीएम बूथ में विस्फोट करके लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
डेटोनेटर से एटीएम में करते थे विस्फोट, इससे खुल जाती मशीन
देवेंद्र पटेल सिविल इंजीनियर होने के साथ-साथ आईटी के मामले में भी एक्सपर्ट है। वारदात के दौरान कोई भी मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता था। उनके निशाने पर एक विशेष कंपनी की एटीएम बूथ पर रहती थी। इस बूथ में डेटोनेटर से विस्फोट करने से मशीन आसानी से खुल जाती थी और रुपए निकालकर आरोपी भाग जाते थे। वारदात से पहले वे सीसीटीवी कैमरे से स्प्रे करते थे, ताकि कुछ दिखाई न दे। कई जगह स्थिति बिगड़ने पर वे पिस्टल का सहारा लेकर लोगों को धमकाते थे। आरोपियों ने लूट का तरीका यूट्यूब देखकर सीखा था।
नकली नोट का कारोबार भी मिला
देवेंद्र पटेल के यहां पर जब पुलिस ने दबिश दी तो आरोपी के घर में नगदी नोट छापने का कलर प्रिंटर, तीन लाख 50 हजार के नकली नोट और लैपटॉप मिला। आरोपी नकली नोट कहां पर खपाते थे और इन पैसों का कहां पर इस्तेमाल करते थे, इसके बारे में भी पुलिस पड़ताल में लगी हुई है। आईजी ने आरोपियों के खिलाफ नकली नोट छापने पर अलग से मामला दर्ज करने का आदेश दिया। पूछताछ में पता चला है कि देवेंद्र अय्याशी पर ज्यादा पैसा खर्च करता था, जबकि जागेश्वर बंटाई में पैसा बांटता था।

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