भोपाल में निर्भया जैसी हैवानियत: पीड़ित छात्रा बोली- आरोपी को पुलिस बचा रही हैं


राजधानी में 24 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित छात्रा का आरोप है कि पुलिस आरोपी को बचा रही है। उसका कहना है कि पुलिस ने जांच के नाम पर खानापूर्ति की है। मामले में शुक्रवार को डीआईजी इरशाद वली और कलेक्टर अविनाश लवानिया पीड़ित से मिलने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित को इलाज के लिए 75 हजार रुपए का चेक भी सौंपा।
हालांकि मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के प्रयास की धारा बढ़ा दी। इस मामले में टीआई सुधीर अरजरिया को नोटिस भी दिया है। मामले की जांच भी SIT को सौंप दी है। पीड़ित का आरोप है कि आनन-फानन में जिस आरोपी को पकड़ा है, उससे आमना-सामना भी नहीं कराया। उसकी वॉइस रिकॉर्डिंग भी नहीं सुनाई, जिससे वह आरोपी को पहचान सके। पीड़ित को उम्मीद है कि जब मामला कोर्ट में जाएगा, तो आरोपी को वह पहचान लेगी।
पीड़ित से किसी को नहीं मिलने दे रहे
घटना के बाद पीड़िता के यहां पुलिस तैनात कर दी गई है। पीड़ित से किसी से भी मिलने पर रोक लगा दी गई है। वहीं, पीड़ित ने भी किसी से बात करने से इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान ही वह अपना पक्ष रखेगी। हालांकि छात्रा की स्थिति भी ठीक नहीं है। Nutv की टीम ने जब मामले पड़ताल की, तो सामने आया कि घटना की रात के फुटेज पुलिस पहले ही जब्त कर चुकी है। फुटेज के उसके आधार पर आरोपी को क्यों नहीं पकड़ा गया? पीड़िता से अब तक आरोपी का आमना सामना क्यों नहीं कराया? यही कुछ सवाल हैं, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं।
घटना के बाद खुले स्थान को शेड को किया कवर्ड
आरोपी ने जानबूझकर ऐसे घटनास्थल का चयन किया, जहां कम ही आना-जाना रहता है। असल में दानिशकुंज के पास जो सड़क जाती है, वहां कम लोगों का आना-जाना रहता है। वहां पुलिस के पास ही सड़क किनारे सीमेंट की बाउंड्रीवॉल भी है, लेकिन कुछ हिस्सा खुला हुआ था। इसके बाद करीब छह फीट गहरी खाई है। इसमें कचरा पड़ा रहता है। आरोपी ने यहीं छात्रा को धक्का देकर गिराया था। घटना के बाद इस खुली जगह को शेड लगाकर कवर्ड कर दिया गया है।



