‘किसी की गुलाम नहीं’, जॉर्जिया मेलोनी ने ट्रंप को फिर धो डाला, कह डाली दिल पर लगने वाली बात
'किसी की गुलाम नहीं', जॉर्जिया मेलोनी ने ट्रंप को फिर धो डाला, कह डाली दिल पर लगने वाली बात


रोम: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती का बुरा दौर चल रहा है. एक वक्त था जब इन दोनों दिग्गज राइट-विंग नेताओं को एक-दूसरे का सबसे बड़ा सियासी साथी माना जाता था.
अब हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि मेलोनी ने सरेआम ट्रंप की धज्जियां उड़ा दी हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक विस्फोटक इंटरव्यू में मेलोनी ने ऐसी-ऐसी बातें कही हैं, जो ट्रंप को सीधा दिल पर जाकर चुभने वाली हैं. हालांकि, एक देश की प्रधानमंत्री होने के नाते अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने अमेरिका के साथ पूरी तरह संबंध तोड़े नहीं हैं.
खीज में ट्रंप ने बार-बार किया मेलोनी का अपमान!
ट्रंप ने बार-बार मेलोनी को बेइज्जत करने की कोशिश की है. पहले फ्रांस में G7 सम्मेलन खत्म होने के ठीक बाद ट्रम्प ने एक इटालियन चैनल को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि मेलोनी ने सम्मेलन के दौरान उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए उनसे ‘बार-बार गिड़गिड़ाकर भीख मांगी थीं’. ट्रंप, इटली से इसलिए खिसियाए हुए थे क्योंकि मेलोनी ने ईरान युद्ध के दौरान अमेरिका को अपने एयरबेस या रनवे इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी थी.
मेलोनी ने उस दौरान ट्रंप को मुंह तोड़ जवाब दिया था कि इटली ट्रंप की जरूरतों के हिसाब से फॉरेन पॉलिसी नहीं बनाता और ना ही किसी के आगे भीख मांगता है. उन्होंने ट्रंप के उस रवैये पर उन्हें खूब फटकार लगाई थी, जिसमें वो अपने ही सहयोगी देशों को नीचा दिखाने में लगे रहते हैं.
इसके बाद ट्रंप यहीं नहीं रुके जुलाई के महीने में तुर्की के अंकारा में हुए नाटो समिट से ठीक पहले डोनाल्ड ट्रंप ने एक पोस्ट से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था. ट्रंप ने पर मेलोनी के साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर शेयर की और उसके साथ जो कैप्शन लिखा, उसने पूरे इटली में आग लगा दी. ट्रंप ने लिखा- ‘इन्हें एक रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर की जरूरत है’. ट्रंप का सीधा और भद्दा मतलब यही था कि वो इटली की प्रधानमंत्री को खुद से दूर रखना चाहते हैं. इस बेइज्जती ने मेलोनी को अंदर तक हिला कर रख दिया था. कूटनीति की दुनिया में किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष का ऐसा अपमान शायद ही पहले कभी देखा गया हो.
जॉर्जिया मेलोनी जो कहा वो ट्रंप को चुभेगा
न्यू यॉर्क टाइम्स को दिए इस इंटरव्यू में मेलोनी का सालों का दर्द साफ छलक रहा था. उन्होंने खुलकर कहा कि उन्हें लगा था कि ट्रंप के साथ चीजें काफी आसान होंगी. दोनों ही इमिग्रेशन और वोक कल्चर के सख्त खिलाफ रहे हैं और इस समानता के चलते उन्हें लगा था कि वॉशिंगटन प्रशासन इटली का साथ देगा. हालांकि, हकीकत में ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ. वॉशिंगटन प्रशासन और इटली सरकार के बीच अब बात-बात पर ठन रही है और रिश्ते बद से बदतर हो चुके हैं.
मेलोनी ने कुबूल किया कि उस विवादित पोस्ट के बाद से ट्रंप और उनके बीच एक शब्द भी बातचीत नहीं हुई है. उन्होंने बताया है कि आगे भी ट्रंप से दोस्ती के कोई आसार नहीं हैं. जॉर्जिया मेलोनी यहीं नहीं रुकीं, बल्कि उन्होंने इस इंटरव्यू में ट्रंप को सीधा अल्टीमेटम दे दिया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा ‘इटली किसी का गुलाम नहीं है और मुझे ऐसे विचार रखने वाले लोग कतई पसंद नहीं हैं’.
‘इटली स्वाभिमान से समझौता नहीं’
हालांकि, मेलोनी ने ये भी साफ किया वो अपने व्यक्तिगत रिश्तों के आधार पर इटली की कूटनीति और रणनीति बिल्कुल तय नहीं करती हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलने के सवाल पर मेलोनी ने कहा ‘देखेंगे’ क्योंकि उनके लिए पश्चिमी देशों की एकजुटता बहुत मायने रखती है, लेकिन अपने देश के स्वाभिमान से समझौता करके नहीं. वो इटली में एक बहुत बड़ी ‘क्रांति’ लाना चाहती हैं, एक ऐसी क्रांति जो देश के गौरव और सम्मान की हो. ये बयान सीधा ट्रंप के उस रवैये पर तमाचा है, जिसमें अमेरिका खुद को हमेशा बॉस समझता है.



