UP BJP के 100 विधायकों पर एंटी-इनकंबेंसी का डर! कट सकता है टिकट, इंटरनल सर्वे ने सबको चौंका दिया
UP BJP के 100 विधायकों पर एंटी-इनकंबेंसी का डर! कट सकता है टिकट, इंटरनल सर्वे ने सबको चौंका दिया


लखनऊ: यूपी में बीजेपी के कम से कम 100 ऐसे विधायक हैं जो जमीनी स्तर पर एंटी-इनकंबेंसी का सामना कर रहे हैं। इनमें से कई विधायकों का अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में टिकट काटा जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार यूपी में बीजेपी की लीडरशिप वाली सरकार के कराए गए इंटरनल सर्वे में इस बात की जानकारी मिली है।
यूपी भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने TOI से पुष्टि की कि मतदाताओं के बीच भरोसा कम होने की रिपोर्टों के बाद लगभग 100 विधायक पार्टी की रडार पर हैं। इन विधायकों को चिन्हित करते समय स्थानीय स्तर पर संगठन के पदाधिकारियों के साथ उनके मतभेदों को भी ध्यान में रखा जा रहा है। सूत्रों ने यह भी बताया कि मौजूदा विधायकों की उम्मीदवारी को लेकर RSS से भी फीडबैक लिया गया है।
विधानसभा वार फीडबैक जुटाया
रिपोर्ट के अनुसार भाजपा प्रत्याशियों की जीत की संभावना को मापने के लिए विधानसभा वार फीडबैक जुटाया जा रहा है। टिकटों के बंटवारे में वरिष्ठता, राजनीतिक कद या पुरानी जीतों की संख्या की तुलना में जीत की संभावना को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जा रही है। पार्टी के इंटरनल सर्वे का मानना है कि लगातार दो बार सरकार में रहने के बाद, पूरी सरकार से असंतोष की तुलना में व्यक्तिगत विधायकों से असंतोष पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक नुकसान साबित हो सकता है।
यूपी बीजेपी के एक वरिष्ठ राजनेता ने बताया कि पार्टी के थिंक-टैंक ने लोगों में नाराजगी को कम करने और बदलाव लाने के उद्देश्य से युवाओं, महिलाओं और पार्टी संगठन से जुड़े नए चेहरों को मौका देने का सुझाव दिया है। ये सभी बदलाव 2024 के लोकसभा चुनावों को जोड़कर देखा जा रहा है। जिसमें बीजेपी की सीटें 62 से घटकर 33 पर आ गई थीं। सीटों में आई इस गिरावट की वजह न केवल विपक्ष का ‘पीडीए’ नैरेटिव था, बल्कि कई मौजूदा सांसदों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर बना माहौल भी था।
किसका कटेगा टिकट
आंकड़ों के मुताबिक, बीजेंपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी के अपने 49 मौजूदा सांसदों को दोबारा मैदान में उतारा था, जिनमें से 27 चुनाव हार गए। सूत्रों का कहना है कि पार्टी विधानसभा चुनाव में इस को दोहराने के मूड में नहीं है। यूपी बीजेपी के वरिष्ठ सदस्य के अनुसार मौजूदा विधायक को लेकर अगर इंटरनल सर्वे में भारी असंतोष होगा तो दो से अधिक बार जीत चुके विधायकों का टिकट भी काटा जा सकता है। वहीं दूसरी ओर, यदि किसी मौजूदा विधायक का अपने क्षेत्र में मजबूत जनाधार बना हुआ है और उसकी जीत की संभावना स्पष्ट दिखती है, तो उसे दोबारा टिकट दिया जा सकता है, चाहे वह कितने भी समय से विधानसभा में क्यों न हो।



