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भोपाल:अदालत के आदेश के चलते रमाकांत विजयवर्गीय के खिलाफ 25 एफआईआर दर्ज करेगी कोहेफिजा पुलिस


पंचवटी कॉलोनी फेस-3 में 200 लोगों से 20 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले रमाकांत विजयवर्गीय के खिलाफ पुलिस अदालत के आदेश के बाद कोहेफिजा पुलिस 25 एफआईआर करने की तैयारी कर रहीं है। काबिलगौर बात यह है कि साल 2010 में कोहेफिजा पुलिस ने पंचवटी फेस 3 में हुए फर्जीवाड़े में 138 लोगों की शिकायत पर रमाकांत विजयवर्गीय के खिलाफ 420 की केवल एक एफआईआर दर्ज की थी। मामला अदालत पहुंचा तो सरकारी वकील ने साल 2019 में जज आलोक अवस्थी की कोर्ट में एक अर्जी पेश कर पुलिस कार्रवाई पर सवालिया निशान लगा दिया।
जज ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए लिखा कि 138 लोगों के साथ धोखाधड़ी की एक एफआईआर दर्ज कैसे की गई। जज आलोक अवस्थी ने कोहेफिजा पुलिस को आदेश दिया कि दो से तीन फरियादियों की शिकायत पर एक एफआईआर दर्ज कर अदालत को पुलिस कार्रवाई से अवगत कराया जाये। हैरत की बात यह है कि 138 लोगों की शिकायत पर साल 2010 में कोहेफिजा पुलिस ने रमाकांत के खिलाफ 337 2010 नंबर पर एक एफआईआर दर्ज कर अपनी ड्यूटी पूरी कर दी थी।
इसके 9 साल बाद अदालत के आदेश पर एक बार फिर 138 लोगों की शिकायत पर 42 नई एफआईआर दर्ज की जानी थी। कोहेफिजा पुलिस अदालत के आदेश के बाद 17 एफआईआर दर्ज कर चुकी है अब भी 25 एफआईआर दर्ज होना बाकी है। अदालत के आदेश के बाद कोहेफिजा पुलिस ने एक बार फिर रमाकांत विजयवर्गीय की धोखाधड़ी की शिकार हुए लोगों को ढूढंना शुरू किया उन्हें थाने बुलाकर नये सिर से एफआईआर दर्ज करना शुरू की। रमाकांत के वकील जयदीप सक्सेना ने बताया कि इसके बाद कोहेफिजा पुलिस ने अब तक 17 एफआईआर दर्ज की है। अभी भी इस मामले में 25 एफआईआर दर्ज होना बाकी है।
चैक बाउंस के 80 मामले लग चुके है रमाकांत के खिलाफ, 30 मामलो में स्थाई गिरफ्तारी वारंट
राजधानी की अदालतों में रमाकांत विजयवर्गीय के खिलाफ चैक बाउंस के 80 से ज्यादा मामले लगाये गये थे। करोड़ों रूपए के इन चैक बाउंस मामलों में 50 मामलों में निपट चुके है जिनमें कुछ मामलों में रमाकांत को एक साल की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। कुछ मामलों में उसने परिवादी से चैक बाउंस की रकम देकर समझौता भी किया और पांच मामलों में वह बरी भी हुआ। साल 2019 से रमाकांत ने अदालत में हाजिर होना बंद कर दिया और कोर्ट ने उसके खिलाफ वारंट जारी किये। रमाकांत के खिलाफ 30 स्थाई गिरफ्तारी वारंट आज भी कोर्ट से जारी है। रमाकांत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इन स्थाई वारंट की तामील कर उसे अदालत में हाजिर करेगी।
पंचवटी फेस 3 में धोखाधड़ी कैसे हुई
पंचवटी फेस 1 व 2 में रमाकांत विजयवर्गीय को अच्छा रिसपांस मिला। इसके चलते उसने पंचवटी फेस 3 के लिये लगी हुई जमीन के मालिक किसान महाराज सिंह से 2006 में 2.5 एकड़ जमीन पांच करोड़ रूपए में खरीदने का एग्रीमेंट कर लिया। रमाकांत ने महाराज सिंह को एक करोड़ 25 लाख रूपए एडवांस दे दिया। इसके बाद रमाकांत ने पंचवटी प्रस्तावित फेस 3 के लिये प्लाट के बदले लोगों से एडवांस लेना भी शुरू कर दिया। इसी बीच किसान महाराज सिंह ने उस जमीन का सौदा दो अन्य लोग सुशांत चटर्जी और अशफाक खान से भी कर लिया। बस यही से विवाद शुरू हुआ और मामला अदालत पहुंचा गया। इसके साथ ही पंचवटी फेस 3 का काम भी शुरू नहीं हो सका। रमाकांत के वकील जयदीप सक्सेना ने बताया कि विवादित जमीन का सिविल केस आज भी भोपाल अदालत में लंबित है। वकील सक्सेना कहते है कि ईडी ने रमाकांत विजयवर्गीय की इंदौर के राऊ में 5 एकड़ आवसीय जमीन जब्त करके रखी है। यह जमीन लगभग 15 करोड़ रूपए की है।

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