बीजेपी के विधायकों, मंत्रियो से अपनी बेटियों का बचाओं करना होगा – ज्योतिरादित्य सिंधिया


सवांददाता, ज़ीशान मुजीब
भोपाल: देश सहित प्रदेश में महिलाओं के साथ हो अत्याचारों की खबरें अब आए दिन सामने आ रहीं हैं। छोटी छोटी मासूम बच्चियों एवं महिलाओं के साथ आए दिन गैंगरेप की घटनाएं सामने आ रहीं हैं।
हालही में हुए उत्तर प्रदेश के हाथरस गैंगरेप मामलें में बवाल मचा हुआ हैं। ये मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि मध्यप्रदेश के खरगोन और जबलपुर से हैवानियत की खबर सामने आई।
देश-प्रदेश में लगातार बढ़ रहे महिलाओं से अपराध के बाद देश-प्रदेश की जनता में आक्रोश का माहौल बना हुआ हैं। जनता ऐसे दरिंदो को सज़ा देने की मांग कर रहीं हैं। जबकि दूसरी तरफ सरकार और विपक्ष इसपर जमकर राजनीति कर रहे हैं।
मामला मध्यप्रदेश का हैं।
मध्यप्रदेश में आज सत्ता पर भाजपा हैं। जबकि कांग्रेस विपक्ष की भूमिका निभा रहीं हैं। दोनों ही दल इस समय उपचुनाव की तैयारियों में जुटे हुए हैं। जहां मुख्यमंत्री शिवराज अपनी कुर्सी बचाना चाहते है तो वहीं कमलनाथ दोबारा कुर्सी हासिल करना चाहते हैं।
बता दे कि दोनों ही दल हर एक मुद्दे पर एक दूसरे का जमकर घेराव भी कर रहे हैं। इसी बीच बेटियों, महिलाओं के साथ हो रही ये दरिंदगी चुनावी मुद्दा बन गया हैं। दरिंदो को सजा दिलवाने के बजाए दोनों राजनेतिक दल (Political Parties) इसपर अपनी राजनेतिक रोटियां सेक रहे हैं।
इसी सिलसिला में आज मध्यप्रदेश कांग्रेस ने अपने ट्वीटर अककॉउंट से एक वीडियो शेयर किया हैं। ये वीडियो पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का हैं। ये वीडियो उस समय का है जब सिंधिया कांग्रेस में हुआ करते थे, तब प्रदेश में भाजपा की सरकार हुआ करती थी। लेकिन आज सिंधिया (Scindia) खुद भाजपा में हैं।
जनता के दिल से दूर! सत्ता का चरण चुंबन करने वाला मीडिया = गोदी मीडिया…!
कांग्रेस ने सिंधिया का वीडियो शेयर किया है जिसमें वो ये कह रहे हैं – बेटी बचाओ के नारे को परिवर्तित कर भाजपा के विधायकों एवं मंत्रियों से अपनी बेटियों को बचाओ करना होगा। कांग्रेस ने ये वीडियो शेेेयर करके सिंधिया और भाजपा सरकार पर निशाना साधा हैं।
बता दे कि कांग्रेस लगतार ये कहती आई है कि 15 सालों में शिवराज सरकार में महिलाओं से अपराध में प्रदेश नंबर 1 पर रह हैं।
बहरहाल हम ये सवाल पूछना चाहते है कि क्या ये स्तिथी युही बनी रहेंगी या इसमें कोई सुधार आएगा?
यदि कोई सुधार आएगा तो कब?
क्या ऐसी ही देश-प्रदेश में बेटियों के साथ दरिंदगी होती रहेगी?



