अजाक SP से अभद्रता करने वाले एडवोकेट पर FIR:झूठी शिकायत कर पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाने का आरोप, जांच में निकला फर्जी वकील
अजाक SP से अभद्रता करने वाले एडवोकेट पर FIR:झूठी शिकायत कर पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाने का आरोप, जांच में निकला फर्जी वकील


अजाक एसपी की शिकायत पर अधिकारियों व कर्मचारियों के ऊपर झूठी शिकायत करने वाले वकील के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वकील पर आरोप है कि पुलिस के चौकी प्रभारियों व अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आए दिन वह एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग करते हुए झूठी शिकायत कर दबाव बनाता था। उसने तक्तालीन अजाक एसपी भोपाल ज्योति ठाकुर के साथ भी उनके ऑफिस में अभद्रता की थी। इतना ही नहीं सरकारी कामों को प्रभावित भी करने का उसपर आरोप है।
जानकारी के मुताबिक ग्राम अर्राई राय सिंह तहसील बैरसिया के रहने वाले नंदकिशोर उर्फ रमेश पुत्र जमना प्रसाद जाटव ने ग्राम अर्राई के रहने वाले वीर सिंह पुत्र किशन सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। नंदकिशोर ने बताया कि उसने वीर सिंह का बैटन बोर्ड बनाने का काम किया था। जिसके 35 हजार रुपए लेने थे। जिसे मांगने पर वीर सिंह ने नंदकिशोर की पिटाई कर दी। जिसकी शिकायत नंदकिशोर ने थाने में करने गया तो चौकी प्रभारी ललरिया थाना बैरसिया में पदस्थ एसआई परसराम धुर्वे ने नंदकिशोर को गाली गलौच कर धक्का देकर बाहर कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की गई।
अजाक एसपी भोपाल ज्योति ठाकुर ने जांच के लिए नंदकिशोर को बुलाया। 18 जून 2021 को जांच के दौरान ज्योति ठाकुर ने नंदकिशोर से पिछली दो तारीख पर न आने की वजह पूछी। जिस पर नंदकिशोर के साथ आए मकान नंबर- 196 चौकसे नगर, बैरसिया रोड निवासी एडवोकेट तोरण सिंह तेज आवाज में एसपी से बात करने लगा। कहने लगा मैं वकील हूं आपको एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज करना पड़ेगा, वरना मैं आपकी शिकायत करूंगा। तोरण सिंह को समझाने पर उसने हंगामा करना शुरू कर दी। इस पर एसपी ने कार्यालय से बाहर जाने को कहा लेकिन तोरण सिंह अड़ा रहा। इस पर कोहेफिजा पुलिस को सूचना दी गई। जब पुलिस पहुंची तब तक तोरण सिंह एसपी आफिस से जा चुका था। मामले की शिकायत एसपी ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से की थी। जांच के बाद तोरण सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
एससी-एसटी वर्ग को भरोसे में लेकर पैसा कमाता
अजाक एसपी ने ललरिया चौकी प्रभारी बेरसिया एसआई परसराम धुर्वे को पूछताछ के लिए बुलाया। जिसमें तोरण सिंह के फर्जी एडवोकेट होने की बात सामने आई। एसआई धुर्वे ने बताया कि नंदकिशोर एडवोकेट तोरण सिंह के बहकावे में आकर वीर सिंह के खिलाफ जातिगत अपमानित करने का झूठा मुकदमा दर्ज कराना चाहता है। झूठा केस न दर्ज करने पर नंदकिशोर वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय में झूठी शिकायतें कर रहा है।
एडवोकेट तोरण सिंह इलाके में झूठी शिकायतों करके आर्थिक लाभ उठाने के लिए पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाने का आदी है। तोरण सिंह आए दिन एससी-एसटी वर्ग के लोगों को भरोसे में लेकर पैसा कमाने के इरादे से क्षेत्रीय लोगों के खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज करवाता है। इसके पहले भी तोरण सिंह कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायत कर मानसिक दबाव बना चुका है।
मामले की जांच में निकला फर्जी एडवोकेट
18 जून 2021 को एडवोकेट तोरण सिंह की जानकारी जुटाने के लिए हाई कोर्ट जबलपुर को इस घटना के संबंध में पुलिस ने लेटर लिखा। जहां से 25 जून 2021 को जवाब मिला कि अभिभाषक संघ भोपाल के रिकार्ड में तोरण सिंह नाम का कोई व्यक्ति रजिस्टर्ड नहीं है। इससे पता चला कि खुद को एडवोकेट बताकर तोरण सिंह झूठी शिकायत करता है। पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ झूठी शिकायत के माध्यम से दबाव बनाता है एवं सरकारी कामों को प्रभावित करता है।



