भोपाल में साइबर ठगी का बड़ा खेल, 24 घंटे में 9 लोग शिकार, ठगों ने अलग-अलग तरीकों से 5.75 लाख रुपये उड़ाए
भोपाल में साइबर ठगी का बड़ा खेल, 24 घंटे में 9 लोग शिकार, ठगों ने अलग-अलग तरीकों से 5.75 लाख रुपये उड़ाए


भोपाल: राजधानी में साइबर ठगों ने महज 24 घंटे में नौ लोगों को अलग-अलग तरीकों से जाल में फंसाकर करीब 5.75 लाख रुपये की चपत लगा दी। शहर के पांच थानों में ठगी के नौ केस दर्ज हुए हैं.
ठगों ने कहीं दुर्घटना का झांसा दिया तो कहीं बिजली कनेक्शन काटने की धमकी और सरकारी योजना का लाभ दिलाने का भरोसा देकर रकम ट्रांसफर करा ली। पीड़ितों में किसान से लेकर 76 वर्षीय सेवानिवृत्त प्राध्यापक तक शामिल हैं। पुलिस ने रकम पहुंचने वाले बैंक खातों को फ्रीज कराया है।
भाई का एक्सीडेंट बताकर खाते से 1.11 लाख साफ
बजरिया थाना क्षेत्र के चांदबड़ निवासी लखन प्रजापति को फोन कर आरोपित ने बताया कि इंदौर में उनके भाई का एक्सीडेंट हो गया है। भुगतान सीमा खत्म होने का बहाना बनाकर दूसरे नंबर पर रकम भेजने को कहा और 1.11 लाख रुपये ठग लिए।
निशातपुरा में वर्षा शुक्ला से डीएमओ कार्यालय का कर्मचारी बनकर 64,725 रुपये ऐंठे गए। वह आंगनबाड़ी में सरकारी योजना के अनुदान के लिए आवेदन करने पहुंची थीं। निशातपुरा थाना क्षेत्र में संजीव नगर निवासी 27 वर्षीय वर्षा शुक्ला अपनी जेठानी के साथ आंगनबाड़ी में सरकारी योजना के अनुदान का आवेदन करने गई थीं। उसी दिन जालसाज ने डीएमओ आफिस का कर्मचारी बनकर उनसे 64 हजार 725 रुपए ठग लिए।
फार्म नहीं भरा तो बिजली कट जाएगी, 96 हजार उड़ाए
मिसरोद में 76 वर्षीय सेवानिवृत्त प्राध्यापक कैलाश चंद्र सक्सेना को बिजली कंपनी का कर्मचारी बनकर फोन किया गया। वाट्सएप पर लिंक भेजकर कनेक्शन सत्यापन का झांसा दिया और बिजली काटने की धमकी देकर दो किस्तों में 96,201 रुपये निकाल लिए।
एपीके फाइल से लेकर फर्जी लाजिस्टिक कंपनी तक जाल
छोला मंदिर थाना क्षेत्र में तीन केस दर्ज हुए। सुशील कुमार गुप्ता ने मूवी एप समझकर एपीके फाइल डाउनलोड की और 47 हजार रुपये गंवा दिए। रजनीकांत मिश्रा फर्जी लाजिस्टिक कंपनी के झांसे में आकर सामान वापस मंगाने के नाम पर 37,300 रुपये दे बैठे। वहां किसान सुरेश कुमार गौर से पीएम कुसुम सोलर योजना का लाभ दिलाने के नाम पर 59 हजार रुपये ठग लिए गए।
पिपलानी के तीन मामलों में तरीका भी साफ नहीं
पिपलानी में राजा राम सिंह, अंकित साहू और पंकज कुमार से कुल करीब 1.57 लाख रुपये की ठगी हुई। पुलिस ने तीनों मामलों में केस दर्ज किया है, लेकिन अभी पीड़ितों से पूछताछ नहीं हुई है। इसलिए ठगी का तरीका सामने नहीं आया है।



