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नरेंद्र सिंह तोमर के लिए खतरा बन गए ज्योतिरादित्य सिंधिया

विशेष संवाददाता, ज़ीशान मुजीब
ग्वालियर । राजनीति में कुछ भी होता हूं परंतु ग्वालियर-चंबल संभाग में राजा एक ही होता है। मार्च 2020 से पहले तक भाजपा के राजा नरेंद्र सिंह तोमर थे और कांग्रेस के महाराजा ज्योतिरादित्य सिंधिया परंतु सिंधिया भाजपा में आ गए हैं। पिछले 18 महीने में उन्हें चार प्रमोशन मिल गए। फिलहाल व नरेंद्र सिंह तोमर के समकक्ष पहुंच गए हैं। कहा जा रहा है कि श्रीमंत महाराज बहुत जल्दी नरेंद्र सिंह तोमर को पीछे छोड़ देंगे।

भारतीय जनता पार्टी के ग्वालियर-चंबल संभाग में दोनों नेता बराबरी पर हैं। नरेंद्र सिंह तोमर केंद्रीय मंत्री हैं और भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया भी केंद्रीय मंत्री हैं और भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य बनाए गए हैं। अब सवाल यह है कि ग्वालियर चंबल संभाग क्षेत्र का क्षत्रप कौन होगा। वह कौन होगा जो टिकट वितरण करेगा। दोनों के बीच सीटों का बंटवारा हो जाए, ग्वालियर की जमीन पर यह तो कतई संभव नहीं है।

माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव 2023 तक दोनों नेताओं के बीच सीधा संघर्ष शुरू हो जाएगा। फिलहाल ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर के लिए खतरा नजर आ रहे हैं। मात्र 18 महीने की अवधि में ज्योतिरादित्य सिंधिया, भाजपा के वफादार, निष्ठावान, वरिष्ठ एवं जमीनी कार्यकर्ता नरेंद्र सिंह तोमर के समकक्ष आ गए हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्दी ही ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर को पीछे छोड़ देंगे। बहुत हद तक संभावना है कि नरेंद्र सिंह तोमर को अपना लोकसभा चुनाव जीतने के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया से प्रचार करवाना पड़े।

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