मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव कभी भी कर सकते गेहूं उपार्जन केंद्रो का आकस्मिक निरीक्षण
मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव कभी भी कर सकते गेहूं उपार्जन केंद्रो का आकस्मिक निरीक्षण


– पेयजल आपूर्ति की सुगम व्यवस्था करें सुनिश्चित, मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टर-कांफ्रेंस में दिए निर्देश
भोपाल, मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता के दृष्टिगत प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी कार्य सुचारू रूप से संचालित हो और किसानों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अन्नदाताओं के मामले में गंभीर हैं और मुख्यमंत्री कभी भी प्रदेश के किसी भी जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी केंद्र पर कोई अनियमितता नहीं होना चाहिए।
मुख्य सचिव जैन बुधवार को मंत्रालय में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जिलों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि सभी शहरी और ग्रामीण बसाहटों में पेयजल आपूर्ति की सुगम और सतत आपूर्ति भी सुनिश्चित करें। बैठक में कानून व्यवस्था, शिक्षा,स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य, राजस्व सहित कई विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर-कमिश्नर और पुलिस अधीक्षक वी.सी. के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों का गंभीरता से निराकरण करें और यह सुनिश्चित करें कि समय-सीमा के बाहर प्रकरण नहीं जाएं। उन्होंने कहा कि लोक सेवा गारंटी में नागरिकों को लाभ प्राप्त हो जाता है तो लोग सी.एम. हेल्पलाइन में शिकायत नहीं करते। उन्होंने निर्देश दिए कि कलेक्टर्स साप्तहिक समीक्षा करें जिससे अगली बैठक में समय-सीमा के बाहर के प्रकरण लगभग शून्य हों। मुख्य सचिव ने प्रदेश में जनगणना कार्य अंतर्गत गृह गणना कार्य की सतत निगरानी करने और समय-सीमा में गृह गणना कार्य पूर्ण करवाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टर्स से कहा कि वे गेहूं उपार्जन केंद्रों पर प्रभारी अधिकारी नियुक्त करें और किसानों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि आवश्यकता अनुसार केंद्रों पर तौल-कांटे की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है। मुख्य सचिव ने कहा कि स्लॉट बुकिंग की तिथि में वृद्धि और खरीदी की मात्रा 78 लाख मीट्रिक टन से एक लाख मीट्रिक टन किए जाने के दृष्टिगत कलेक्टर्स आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने अन्य प्रदेशों से लगी सीमाओं वाले उपार्जन केंद्रों के जिलों के कलेक्टर्स से कहा कि वे सख्त निगरानी रखें जिससे अन्य प्रदेशों की उपज का उपार्जन नहीं हो। अपर मुख्य सचिव रश्मि अरूण शमी ने बताया कि अब तक लगभग 22 लाख टन गेहूं का समर्थन मूल्य पर उपार्जन किया जा चुका है और जिन क्षेत्रों में स्लॉट बुकिंग की दिक्कत थी उसे भी निराकृत कर दिया गया है।
मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टर्स और डीएफओ को निर्देश दिए हैं कि वे राजस्व और वन-भूमि के सीमांकन मामलों में संयुक्त बैठक करके ऐसे मामले जिनमें वन-भूमि का कोई विवाद नहीं है, का सत्यापन कर मैप गति शक्ति पोर्टल पर अपलोड कर दें। मुख्य सचिव ने नर्मदा नदी से जुड़े जिलों में नर्मदा परिक्रमा पथ और पंचकोशी यात्रा पथ निर्माण के साथ ही नर्मदा किनारे पौध रोपण कार्य की समीक्षा करते हुए निेर्देश दिए कि राज्य शासन का उद्देश्य नर्मदा नदी के शुद्धिकरण और परिक्रमा वासियों को सुविधा सुनिश्चित करना है।
ग्रामीण विकास विभाग के कायों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव जैन ने वृंदावन ग्राम योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और ग्रामीणों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से उन्नत कृषि, फूड प्रोसेसिंग, दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियों को शामिल कर ग्राम सभा में 5 वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट बनाया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस मामले में गंभीर हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर राजस्व बढ़ाने के नए स्त्रोत तलाशने के लिए भी कहा है। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि गांव में जलापूर्ति के लिए ग्राम-पंचायत ही संधारण और संचालन करेगी और इस संबंध में नियमों के साथ रखरखाव के लिए एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है जिससे फील्ड में कोई असुविधा नहीं हो। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी नल-जल योजनाएं सुचारू चले यह सुनिश्चित करना कलेक्टर्स का काम है।
मुख्य सचिव जैन ने जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा के दौरान पी.एम. जन मन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत ग्रामीण आवास निर्माण में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्रावास, आश्रम, शाला भवन और जनजातीय बहुउद्देश्यीय मार्केटिंग सेंटर आदि के निर्माण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि कलेक्टर्स कार्यों की सतत् निगरानी के साथ रैंडम जाँच भी करें।
मुख्य सचिव जैन ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा में कक्षा एक में प्रवेश और शाला त्यागी बच्चों के पुन:शाला में प्रवेश कार्य पर संतोष व्यक्त किया। अब तक 87 प्रतिशत नामांकन और प्रवेश हुआ है। मुख्य सचिव श्री जैन ने निर्देश दिए कि शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें। उन्होंने 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए स्थानीय शासकीय विद्यालय की स्थित भूमि पर आगनबांडी केंद्र संचालित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में सभी कन्या शालाओं में शौचालय निर्माण हो जाने की जानकारी दी गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि स्कूलों में आम-जन की सहभागिता और योगदान सुनिश्चित करें।
स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर्स को मुख्य सचिव जैन ने निर्देश दिए कि माह में 2 बार स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करें। मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमीं लाने के साथ ही क्षय रोग नियंत्रण, सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण जैसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में पूरी गंभीरता से कार्य हो। उन्होंने कुपोषित बच्चों के मामलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने 11 से 21 मई तक आयोजित होने वाले पोषण अभियान में विशेष रूचि लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टर्स को स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग के बीच बेहतर समन्वय रखने के लिए कहा है। मुख्य सचिव ने आयुष्मान भारत योजना और स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा भी की।
डीजीपी मकवाणा ने कानून व्यवस्था की समीक्षा की और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे कलेक्टर्स के साथ संयुक्त रूप से भ्रमण करें। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की मंशानुरूप प्रदेश को मादक पदार्थों के उपयोग से मुक्त बनाए जाने के लिए ठोस और कठोर कार्यवाही की जाए। मुख्य सचिव जैन ने एनसीओआरडी की नियमित बैठक करने और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही करने के साथ ही पीड़ितों को समय पर राहत राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में संवेदनशील क्षेत्रों के जोनल प्लान तैयार किए जाने की भी समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव जैन ने रोड सेफ्टी पर पहले से बेहतर काम होने ओर मृत्यु के आंकड़ों में कमीं आने का उल्लेख करते हुए एसपी और कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि पी.एम राहत योजना और राहवीर योजना को और बेहतर क्रियान्वित कर सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु के प्रकरणों में कमीं लाई जा सकती है। उन्होंने अबीमित वाहनों का संचालन रोकने और यातायात नियमों के पालन कराने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने ज्ञान भारतम मिशन पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य में मध्य प्रदेश में किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की।



