एमपी कैसे बनेगा नंबर-1? एक्सपर्ट्स ने रखा पूरा रोडमैप, सीएम मोहन यादव ने दिया समृद्धि पर जोर
एमपी कैसे बनेगा नंबर-1? एक्सपर्ट्स ने रखा पूरा रोडमैप, सीएम मोहन यादव ने दिया समृद्धि पर जोर


भोपाल: मध्य प्रदेश कैसे नंबर वन बनेगा, इसे लेकर भोपाल में देशभर के संस्थानों के विद्वानों ने अपनी राय रखी है। उनलोगों ने सीएम मोहन यादव के समक्ष राज्य के विकास के लिए क्या कर रहे हैं और क्या कर सकते हैं को लेकर राय रखी है।
कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कंट्रीब्यूशन ऑफ सेंट्रली फंडेड इंस्टीटयूशनस फॉर समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 पर राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था।
12 साल में हुए चमत्कार
सीएम मोहन यादव ने कहा कि भारत हर चुनौती का सामना करने का माद्दा रखता है। उनके 12 वर्ष के कार्यकाल में चमत्कार हुए हैं। जबकि, 12 वर्ष का कार्यकाल बहुत कम होता है। आज सेमीकंडक्टर की यूनिट मध्यप्रदेश में लग रही है। दो-तीन पहले तक हम जो सोच नहीं सकते थे, वह हो रहा है। समय कहां से कहां चला गया। आज सारे राज्यों के पास आगे बढ़ने के समान अवसर हैं। उन्होंने कहा कि आज सारे संस्थानों के विद्वान यहां इकट्ठा हुए हैं। निश्चित रूप से हम विकास की ओर और तेजी से अग्रसर होंगे।
हमारे सामने ये है बड़ी चुनौती
उन्होंने कहा कि इजराइल हमारी आजादी के एक साल बाद आजाद हुआ, जापान द्वितीय विश्व युद्ध में करीब-करीब तबाह हो गया। लेकिन, आज ये देश कहां से कहां पहुंच गए। कुछ समय पहले तक पाकिस्तान की इकोनॉमी भारत से बेहतर मानी जाती थी, लेकिन अब चिंतनीय स्थिति में है। मोहन यादव ने कहा कि वो समय गया जब दुश्मन हमारे सैनिकों के सिर काटकर ले जाते थे, वो दौर बड़ी चुनौती का दौर था। लेकिन, आज समय बदला है। हमने थल-जल-नभ में अपनी ताकत बढ़ाई है।
सीएम ने कहा कि आज कोई छात्र ये नहीं कहता कि वह खेती करना चाहता है। हमारा देश और प्रदेश कृषि आधारित हैं, ऐसे में किसी का खेती में रुचि न लेना बड़ी चुनौती है। 1956 में मध्यप्रदेश बना, लेकिन 2002-03 तक सिंचाई क्षेत्र केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर ही था। साढ़े सात लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र बनाने में 55 साल लग गए।
राज्य आगे बढ़ेगा, तभी देश बढ़ेगा
मोहन यादव ने कहा कि मैं नदी जोड़ो अभियान के लिए प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद देता हूं। इसके जरिए सिंचाई का क्षेत्र और विस्तृत होगा। हमने दक्षिण भारतीय राज्यों में बाढ़ की स्थिति में लोगों को मरते देखा है। नदियां जुड़ जाएंगी तो बाढ़ा का पानी व्यवस्थित होगा। आज मिल-जुलकर काम करने का समय है। राज्य आगे बढ़ेगा तो देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान के साथ हमारा दो दशकों से पानी के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था, अब पीकेसी योजना के जरिए 15 जिले राजस्थान के और 15 जिले हमारे हरे-भरे होंगे।
सभी की भागीदारी जरूरी
मुख्य सचिव अशोक वर्णबाल ने कहा कि समृद्ध मध्यप्रदेश@2047 विजन डॉक्यूमेंट विकसित भारत का एक लक्ष्य है। इसे हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सप्त संकल्प बताए हैं। मध्यप्रदेश तकनीक और नवाचारों में अग्रणी राज्य है। हमारा प्रयास वर्ष 2047 तक की सभी जनरेशन को एक सूत्र में बांधना है। इसमें सिविल सोसाइटी, उद्यमी, संस्थानों और हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। हमें केवल इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट नहीं चाहिए, बल्कि प्रोडक्टिव इन्वेस्टमेंट चाहिए, जो वैल्यू जनरेट कर मध्यप्रदेश को नेशनल वैल्यू चेन में शामिल करे। विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प में 2029 हमारा चेक प्वाइंट है।विकसित मध्यप्रदेश की जिम्मेदारी सिर्फ शासन की नहीं, बल्कि हम सभी की है, क्योंकि हमारी आने वाली पीढ़ी यह देखेगी कि उन्हें क्या मिला?



