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‘नौकरियां ही खत्म कर दो, अपने आप…’ आरक्षण पर घिरी मोदी सरकार, खरगे ने लगाए सनसनीखेज आरोप

'नौकरियां ही खत्म कर दो, अपने आप...' आरक्षण पर घिरी मोदी सरकार, खरगे ने लगाए सनसनीखेज आरोप

Kharge Slams BJP Over Reservation: देश की राजनीति में नौकरियों और सामाजिक न्याय को लेकर सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।

खरगे ने दावा किया है कि केंद्र सरकार अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) तथा अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को मिलने वाले संवैधानिक आरक्षण को ‘चोर दरवाजे से समाप्त’ करने के एक गुप्त एजेंडे पर काम कर रही है।

सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त आंकड़ों का हवाला देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की नीतियां पूरी तरह से सामाजिक न्याय की अवधारणा के खिलाफ हैं और इसका खामियाजा देश के करोड़ों युवाओं को भुगतना पड़ रहा है।

2015 से 2024 के बीच दोगुने हुए खाली पद

मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकारी नौकरियों के आधिकारिक आंकड़े सार्वजनिक करते हुए केंद्र सरकार को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 4.21 लाख पद रिक्त थे, जो वर्ष 2024 तक बढ़कर 8.24 लाख के चौंकाने वाले आंकड़े पर पहुंच गए।

उन्होंने क्षेत्रवार ब्यौरा देते हुए उजागर किया कि देश के सबसे बड़े नियोक्ता रेलवे क्षेत्र में 2.40 लाख पद, रक्षा क्षेत्र में 2.41 लाख पद और गृह मंत्रालय में 1.10 लाख पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) में 5.1 लाख स्थायी नौकरियां हमेशा के लिए खत्म कर दी गईं, जबकि संविदा यानी ठेका कर्मचारियों की हिस्सेदारी 19 प्रतिशत से उछलकर सीधे 49 प्रतिशत पर पहुंच चुकी है। खरगे ने स्पष्ट किया कि यह केवल रोजगार का मुद्दा नहीं, बल्कि सीधे तौर पर सामाजिक न्याय पर हमला है।

सरकार पर बोला तीखा हमला

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी एक विस्तृत और आक्रामक पोस्ट में कांग्रेस प्रमुख ने सरकार की मंशा पर गहरे सवाल खड़े किए। उन्होंने तर्क दिया कि जब सरकारी पदों को वर्षो तक जानबूझकर खाली रखा जाता है, तो उससे सीधे तौर पर आरक्षित वर्गों के अवसर छीन लिए जाते हैं। खरगे ने कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों का अंधाधुंध निजीकरण करने से आरक्षित वर्ग की नौकरियां खत्म हो रही हैं और बची हुई स्थायी नौकरियों को ठेका व्यवस्था में तब्दील करने से आरक्षण का लाभ शून्य हो जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि देश में आरक्षण खत्म करने के लिए बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान को बदलने की भी आवश्यकता नहीं है, बस आरक्षण का जरिया बनने वाली सरकारी नौकरियों को ही समाप्त कर देना इसके लिए काफी है।

भाजपा के ‘सामाजिक न्याय विरोधी’ एजेंडे का पर्दाफाश

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों को भरने से बचाना, पीएसयू का विनिवेश करना और ठेका प्रथा को लगातार बढ़ावा देना सीधे तौर पर एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस (EWS) वर्गों के संवैधानिक अधिकारों पर डाका डालने जैसा है।

उन्होंने पुरजोर शब्दों में कहा कि बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर द्वारा देश के वंचितों को संविधान के माध्यम से दिए गए अधिकारों को एक सोची-समझी साजिश के तहत खत्म किया जा रहा है। खरगे ने दावा किया कि भाजपा की इस जनविरोधी नीति का अब पूरी तरह से पर्दाफाश हो चुका है और देश की जनता इस अन्याय को अब और सहन नहीं करेगी।

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