मध्यप्रदेश / बाबूलाल गौर और बहू ने लिया यू-टर्न; बोले- मुझे पक्का यकीन पार्टी मुझे ही टिकट देगी

भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 176 नामों की सूची जारी करने के साथ ही भाजपा में घमासान मचा हुआ है। पहली सूची में जिन नेताओं का नाम शामिल नहीं था, उन्होंने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सबसे ज्यादा कश्मकश भोपाल की गोविंदपुरा सीट का लेकर है। इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर टिकट के लिए अड़े हुए हैं। वह पार्टी पर दबाव बनाने के लिए लगातार बयानबाजी कर रहे हैं। सोमवार को फिर बाबूलाल गौर ने कहा कि, मुझे पक्का विश्वास है कि पार्टी मुझे ही टिकट देगी।
इस बीच गोविंदपुरा सीट से टिकट के दावेदार तपन भौमिक का भी बयान आया है। उन्होंने कहा कि, “भाजपा में प्रेशर पॉलिटिक्स की कोई जगह नहीं है। फिर चाहें गोविंदपुरा सीट से हो या किसी भी विधानसभा से, पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि, जो ये कह रहा है कि निर्दलीय लडूंगा, कांग्रेस से लडूंगा, बाहर चला जाऊंगा, ऐसे लोगों का भाजपा में कोई स्थान नहीं है।”
मैं निर्दलीय चुनाव नहीं लडूंगा : भाजपा ने पहली सूची में गोविंदपुरा सीट का प्रत्याशी का नाम घोषित नहीं किया। मीडिया के इस सवाल पर बाबूलाल ने कहा, “पीएम खुद कहकर गए हैं बाबूलाल गौर एक बार और..अभी पार्टी ने दूसरी सूची जारी नहीं की है। मैं निर्दलीय नहीं लडूंगा, भाजपा से ही लडूंगा। मैंने अभी तक फॉर्म नहीं भरा है।”
बहू कृष्णा गौर भी जता रही हैं दावेदारी : इस सीट से बाबूलाल गौर की बहू कृष्णा गौर भी दावेदारी जता रही हैं। टिकट घोषित नहीं करने के बाद कृष्णा गौर के समर्थकों ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और ये जता दिया था कि अगर इस सीट से उन्हें टिकट नहीं मिला तो वो चुनाव का बहिष्कार कर देंगे।
इस बीच कृष्णा गौर के भी सुर बदले दिखे। मीडिया से चर्चा में सीट से टिकट को लेकर उन्होंने कहा, “मुझे पार्टी पर पूरा भरोसा है। मुझे सीएम ने भरोसा दिया है कि पार्टी अच्छा फैसला लेगी। निर्दलीय चुनाव लड़ने जैसी कोई बात नहीं है। अभी भी 53 उम्मीदवार की दूसरी सूची आना बाकी है। हमें पूरा भरोसा है अपनी पार्टी पर।”
बाबूलाल गौर ने हुजूर से चुनाव लड़ने की बात कही थी: इससे पहले बाबूलाल गौर ने रविवार को कहा था, “अगर सोमवार को शाम तक भाजपा ने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र का टिकट घोषित नहीं किया तो वह हुजूर क्षेत्र से नामांकन दाखिल करेंगे। टिकट घोषित नहीं करने से क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में मायूसी हो रही है। इससे पार्टी को भी नुकसान हो रहा है। गोविंदपुरा सीट के टिकट में हो रहे विलंब से वे खुश नहीं है। पार्टी को जो भी निर्णय हो शीघ्र लेना चाहिए। फैसले को लटकाकर नहीं रखना चाहिए।




